पैरामेडिकल परीक्षा से पहले नकल गिरोह का भंडाफोड़, कॉलेज संचालक समेत चार गिरफ्तार
जयपुर। राजस्थान स्वास्थ्य आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) की पैरामेडिकल परीक्षा शुरू होने से पहले जयपुर के प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में कथित नकल कराने
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जयपुर। राजस्थान स्वास्थ्य आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) की पैरामेडिकल परीक्षा शुरू होने से पहले जयपुर के प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में कथित नकल कराने के रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कॉलेज के संस्थापक देवकृष्ण मंडीवाल, रामकृष्ण मंडीवाल तथा दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज को 29 जून से 3 जुलाई तक आयोजित होने वाली पैरामेडिकल परीक्षाओं का केंद्र बनाया गया था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस को सूचना मिली कि केंद्र पर छात्रों को नकल कराकर पास कराने की तैयारी की जा रही है।
जयपुर वेस्ट के डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि 27 जून को मिली सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान आरोपियों के पास से एक डायरी बरामद हुई, जिसमें छात्रों के नाम, कथित लेन-देन का हिसाब, मोबाइल चैट और परीक्षा केंद्र की लोकेशन से जुड़ी जानकारी दर्ज थी। इसके बाद आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर खोरा बीसल थाने में मामला दर्ज किया गया।
खोरा बीसल थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ स्थित एस करण कॉलेज के पैरामेडिकल विभाग के लेक्चरर शंकर लाल जाट और विभागाध्यक्ष (एचओडी) कृष्ण कुमार सैनी भी शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि एस करण कॉलेज के करीब 45 छात्रों का परीक्षा केंद्र प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में बनाया गया था। आरोप है कि इन छात्रों को परीक्षा में नकल के जरिए पास कराने के लिए मोटी रकम वसूली गई थी। हालांकि पुलिस ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
मामले के उजागर होने के बाद कॉलेज परिसर में हंगामा हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। घटना के बाद राजस्थान स्वास्थ्य आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज का परीक्षा केंद्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। मामले की जांच जारी है।