राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने दी सफाई, निष्पक्ष जांच की मांग
अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने रविवार को
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अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने रविवार को 'रामभक्तों के नाम' एक खुला पत्र जारी कर राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
अपने पत्र में गोविंद गिरी ने बताया कि उनका स्थायी निवास पुणे में है और वह ट्रस्ट के कार्यों के सिलसिले में लगभग हर महीने या डेढ़ महीने में अयोध्या आते रहते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वह रविवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं।
उन्होंने ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बताते हुए कहा कि ट्रस्ट के कोष का पूरा लेखा-जोखा ऑडिटेड है और अधिकृत व्यक्ति कभी भी इसकी जांच कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने केवल सीमित नकद दान या वस्तु स्वरूप उपहार स्वीकार किए हैं, जिनका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है।
गोविंद गिरी ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर के सभी खर्च बैंक ट्रांसफर के माध्यम से किए जाते हैं और नकद लेन-देन की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में उनका कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं रहा है। यह कार्य स्थानीय टीमों द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत किया जाता है।
उन्होंने पत्र में कहा, "चोरी कितनी हुई, कब हुई और कैसे हुई, यह जांच का विषय है। इस महापाप की गहराई से और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच एजेंसियों पर भरोसा रखना चाहिए और न्यायालय अपना कार्य करेगा।"
पत्र के अंत में उन्होंने ट्रस्ट से भविष्य में अधिक सख्त निगरानी व्यवस्था और पारदर्शी प्रणाली लागू करने की अपील की, ताकि श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत किया जा सके।