सेशेल्स में असम्पशन द्वीप पर भारत का रुख स्पष्ट, विदेश सचिव बोले- स्थानीय सरकार की प्राथमिकता सर्वोपरि
विक्टोरिया (सेशेल्स)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान भारत ने असम्पशन द्वीप परियोजना को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है।
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विक्टोरिया (सेशेल्स)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान भारत ने असम्पशन द्वीप परियोजना को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने विक्टोरिया में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि विदेशों में भारत द्वारा शुरू की जाने वाली किसी भी परियोजना का आधार संबंधित देश की सरकार और वहां के लोगों की प्राथमिकताएं होती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत विकास, सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स में साझेदार देश की संप्रभुता और जनहित का पूरा सम्मान करता है। यदि सेशेल्स सरकार भविष्य में असम्पशन द्वीप से जुड़े किसी प्रस्ताव या मुद्दे को उठाती है, तो भारत उस पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार रहेगा।
विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदा यात्रा के दौरान असम्पशन द्वीप परियोजना पर कोई विशेष चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि किसी भी सहयोगात्मक परियोजना को संबंधित देश के लोगों की इच्छाओं और हितों के अनुरूप ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि असम्पशन द्वीप हिंद महासागर में एक रणनीतिक स्थान पर स्थित है। यह पूर्वी एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग के निकट है, जिसे वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है।
पिछले कुछ वर्षों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि भारत इस द्वीप पर एक सैन्य अड्डा विकसित करना चाहता है, लेकिन सेशेल्स में राजनीतिक और स्थानीय विरोध के चलते इस योजना को मंजूरी नहीं मिल सकी। भारत ने अब दोहराया है कि किसी भी परियोजना पर आगे बढ़ने का निर्णय पूरी तरह से सेशेल्स सरकार की सहमति और प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा।