लोहागढ़ किला हत्याकांड: सिया गोयल को क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए किले ले गई पुलिस
मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या मामले में घटनास्थल पर दोबारा कराया गया घटनाक्रम का पुनर्निर्माण, जांच में जुटी पुलिस
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पुणे। पुणे के चर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड में पुलिस जांच तेज हो गई है। मंगेतर केतन अग्रवाल की कथित हत्या के करीब 10 दिन बाद रविवार को मुख्य आरोपी सिया गोयल को पुलिस लोहागढ़ किले पर घटनास्थल ले गई, जहां क्राइम सीन का पुनर्निर्माण (रीक्रिएशन) कराया गया। इस दौरान पुलिस ने घटना के पूरे क्रम को दोबारा समझने और आरोपियों के बयानों का सत्यापन करने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, 18 जून को 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित रूप से उनकी मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने लोहागढ़ किले से धक्का देकर हत्या कर दी थी।
पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच के तहत सिया गोयल को उसी स्थान पर ले जाया गया, जहां से केतन को कथित रूप से नीचे धक्का दिया गया था। वहीं, सह-आरोपी चेतन चौधरी को भी अलग से घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के दौरान यह देखा गया कि घटना के दिन आरोपी किस रास्ते से किले तक पहुंचे, उनकी गतिविधियां क्या थीं और कथित हत्या किस तरह अंजाम दी गई। पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है, ताकि जांच में किसी तरह की चूक न रहे।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना से पहले सिया द्वारा कथित रूप से दिया गया संकेत क्या था, चेतन किस तरह दोनों का पीछा करते हुए किले तक पहुंचा और क्या वह बिना टिकट किले में दाखिल हुआ था।
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान सुरक्षा कारणों से लोहागढ़ किले को अस्थायी रूप से आम पर्यटकों के लिए बंद रखा गया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में सिया गोयल ने बताया कि वह केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। उसे डर था कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी। इसी कारण कथित रूप से उसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। आरोपियों की गतिविधियों, डिजिटल रिकॉर्ड, घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों और हत्या के संभावित मकसद की गहन पड़ताल जारी है।