ऑपरेशन सिंदूर: शहीद जवानों की जानकारी पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी थी, रक्षा मंत्रालय ने किया स्पष्ट
नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था
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नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद हुए जवानों की जानकारी पहली बार हाल ही में सार्वजनिक की गई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि शहीद जवानों को पहले ही आधिकारिक रूप से श्रद्धांजलि दी जा चुकी है और उनके सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया था।
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 11 मई 2025 को आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान का सार्वजनिक रूप से उल्लेख किया था।
मंत्रालय ने बताया कि 14 अगस्त 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन छह जवानों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए जाने की जानकारी भी साझा की गई थी। यह उनके साहस और सर्वोच्च बलिदान की औपचारिक राष्ट्रीय मान्यता थी।
बयान के अनुसार, भारतीय सेना ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से समय पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके अलावा 15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित सेना दिवस परेड के दौरान सेना प्रमुख ने तीन शहीद जवानों के परिजनों को सेना मेडल (वीरता) प्रदान किया। वहीं 8 अक्टूबर 2025 को वायु सेना प्रमुख ने भी एक समारोह में संबंधित जवानों के परिजनों को सम्मानित किया था।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों के नाम अंकित किए जाने को लेकर उठे विवाद पर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। मंत्रालय ने कहा कि इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया है और तथ्यों के विपरीत दावे किए जा रहे हैं।