जंतर-मंतर पर शिक्षा और अवसरों को लेकर उठी आवाज, रविश कुमार ने सरकारी संस्थानों पर खड़े किए सवाल
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान रविश कुमार ने सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी और शिक्षा में बढ़ती असमानता पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लाखों युवाओं के सपने प्रभावित हो रहे हैं।
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नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में विश्वस्तरीय सरकारी शिक्षण संस्थानों की कमी है, जबकि यहां लाखों परिवार अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा का सपना देखते हैं।
रविश कुमार ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही मार्गदर्शन की कमी के कारण उनके सपने अधूरे रह जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में असमानता के कारण गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए बेहतर अवसर सीमित होते जा रहे हैं।
उन्होंने जंतर-मंतर पर उमड़ी भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा और अवसरों का मुद्दा देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।