दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का बचाव किया
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार करते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। डीसीपी सचिन शर्मा की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया कि प्रदर्शन उस समय शांतिपूर्ण नहीं रहा, जब भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक, करीब 30 हजार लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगभग 5 हजार पुलिसकर्मी तीन किलोमीटर के क्षेत्र में तैनात थे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने चरणबद्ध तरीके से बल का इस्तेमाल किया। झड़प में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए।
हलफनामे में पुलिस ने दावा किया कि 240 से अधिक पुलिसकर्मी और वर्दीधारी अधिकारी तथा करीब 200 आम लोग और प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व और हिस्ट्रीशीटर शामिल हो गए थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए प्रदर्शनकारी जमावड़ा अवैध था। पुलिस ने याचिकाकर्ताओं के सबूतों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि याचिकाओं में चुनिंदा तस्वीरों, अधूरे वीडियो, अपुष्ट मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट का इस्तेमाल किया गया है।