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कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि उनके ऊपर हमला करने वाले शख़्स के पास अच्छी नौकरी होती तो वो उन पर हमला नहीं करता. अभिजीत दीपके ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में कहा, "मेरे ऊपर हुआ हमला, इस देश में बढ़ती बेरोज़गारी का सबसे सही उदाहरण है." उन्होंने कहा, "युवाओं को हज़ार-दो हज़ार रुपये देकर ऐसी चीज़ें करवाई जा रही हैं, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा साधन नहीं है." दीपके ने कहा, "जिस शख़्स ने मुझ पर हमला किया, उसके पास अच्छी नौकरी होती तो क्या वो ऐसी हरकत करता? नहीं करता." उल्लेखनीय है कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ सोमवार को जयपुर में मारपीट हुई थी. जयपुर दक्षिण के डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के सहयोगी पत्रकार मोहर सिंह मीणा से फ़ोन पर बताया, "अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने वाले तीन युवकों समेत पांच युवकों को डिटेन किया है."
जयपुर, । कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने उन पर हुए हमले को देश में बढ़ती बेरोज़गारी से जोड़ते हुए कहा है
8NewsNetwork
16 June 2026 at 06:58 pm

Media via 8NewsNetwork
जयपुर,। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने उन पर हुए हमले को देश में बढ़ती बेरोज़गारी से जोड़ते हुए कहा है कि यदि हमलावर के पास अच्छी नौकरी होती तो वह इस तरह की घटना को अंजाम नहीं देता।
मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में दीपके ने कहा कि उनके ऊपर हुआ हमला देश में युवाओं के सामने मौजूद रोजगार संकट का प्रत्यक्ष उदाहरण है। उन्होंने कहा, “युवाओं को एक-दो हजार रुपये देकर ऐसी घटनाओं में शामिल किया जा रहा है, क्योंकि उनके पास रोजगार और आय के पर्याप्त साधन नहीं हैं।”
दीपके ने सवाल उठाते हुए कहा, “जिस व्यक्ति ने मुझ पर हमला किया, अगर उसके पास अच्छी नौकरी और स्थिर भविष्य होता, तो क्या वह ऐसी हरकत करता? मेरा मानना है कि वह ऐसा नहीं करता।”
गौरतलब है कि सोमवार को जयपुर में अभिजीत दीपके के साथ मारपीट की घटना हुई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया है।
जयपुर दक्षिण के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि दीपके को थप्पड़ मारने वाले तीन युवकों सहित कुल पांच युवकों को डिटेन किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
दीपके के बयान के बाद बेरोज़गारी और युवाओं के भटकाव का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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