रामनवमी हिंसा मामला: एनआईए ने टीएमसी पार्षद शाक़िर अली को किया गिरफ्तार, पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार पर भी मामला दर्ज
हुगली, मंगलवार। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वर्ष 2023 के रामनवमी हिंसा मामले में पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की रिसड़ा
vikas katariya

Media via 8NewsNetwork
हुगली, मंगलवार। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वर्ष 2023 के रामनवमी हिंसा मामले में पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की रिसड़ा नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्षद शाक़िर अली को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। एनआईए की टीम ने करीब चार घंटे तक उनके आवास पर तलाशी और पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
एनआईए के अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान शाक़िर अली के बयान में कथित विसंगतियां सामने आने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। तलाशी अभियान में केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल थे।
शाक़िर अली की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में उनके घर के बाहर एकत्र हो गए और नारेबाज़ी करने लगे। स्थिति को देखते हुए रिसड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इसके बाद एनआईए की टीम शाक़िर अली को सुरक्षा घेरे में लेकर वहां से रवाना हुई।
शाक़िर अली की पत्नी और आरामबाग से दो बार सांसद रह चुकीं अपरूपा पोद्दार ने पति की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "भगवान और न्याय प्रक्रिया पर मुझे पूरा भरोसा है।"
गौरतलब है कि अप्रैल 2023 में रामनवमी के अवसर पर हुगली जिले के रिसड़ा सहित कई इलाकों और हावड़ा के शिवपुर में हिंसा भड़क गई थी। आरोप था कि रामनवमी शोभायात्रा पर पथराव किया गया, जिसके बाद दो पक्षों के बीच झड़प, आगज़नी और पत्थरबाज़ी हुई। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने रिसड़ा में धारा 144 लागू कर दी थी तथा इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थीं।
उस समय शोभायात्रा में भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष भी शामिल थे। हिंसा के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें तथा अन्य नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाला था।
घटना के बाद भाजपा ने हिंसा के लिए शाक़िर अली और तत्कालीन सांसद अपरूपा पोद्दार को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंसा के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार बताया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। बाद में जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई।
इधर, शाक़िर अली की गिरफ्तारी के दौरान सरकारी अधिकारियों के कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में श्रीरामपुर थाने में पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान उनकी एक महिला पुलिस अधिकारी से बहस हुई थी। पुलिस ने उन्हें बुधवार को थाने में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया है।