पुरी रथयात्रा में श्रद्धालु की मौत, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
पुरी (ओडिशा), गुरुवार। भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा के दौरान पुरी में भारी भीड़ के
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पुरी (ओडिशा), गुरुवार। भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा के दौरान पुरी में भारी भीड़ के बीच एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि सात श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद रथयात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार रथयात्रा के दौरान सात श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक खराब हुई। मौके पर तैनात कर्मियों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के एक पुरुष श्रद्धालु की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। सीएमओ ने कहा कि मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारी जांच कर रहे हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के सलाहकार प्रकाश मिश्रा ने भगदड़ की खबरों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ में कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है और ऐसे सात मामले सामने आए थे, जिनमें से एक श्रद्धालु को बचाया नहीं जा सका, जबकि बाकी लोग खतरे से बाहर हैं।
यह घटना ग्रैंड रोड पर सिंहद्वार के पास हुई, जहां लाखों श्रद्धालु रथ खींचने और रथयात्रा में शामिल होने के लिए एकत्र हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भारी भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं को घुटन महसूस हुई और वे गिर पड़े। इसके बाद पीछे से आ रहे लोग उनके ऊपर चढ़ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
बीजू जनता दल (बीजेडी) के नेता संजय दास बर्मा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और पुरी मेडिकल कॉलेज में सैकड़ों ट्रॉमा तथा गैर-ट्रॉमा मरीजों को लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी।
कांग्रेस विधायक सागर चरण दास ने भी सोशल मीडिया पर घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि भगदड़ जैसी स्थिति के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं को चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने हादसे की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है।
घटना के बाद प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि श्रद्धालु की मौत और अन्य लोगों के घायल होने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे।