संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी, सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल को लिखा पत्र
सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे या सांसद संसद में मुद्दा उठाने का आश्वासन दें, तो वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे।
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नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को सफदरजंग अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर 'चलो संसद' मार्च में शामिल होने की अनुमति देने का अनुरोध किया। उन्होंने पत्र में कहा कि वह अब पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य से जुड़े सभी पैरामीटर सामान्य हैं। ऐसे में उन्हें कुछ समय के लिए अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जाए ताकि वह संसद मार्च में शामिल हो सकें।
अपने पत्र में वांगचुक ने लिखा, "मैं आज पूरी तरह ठीक महसूस कर रहा हूं और मेरी सेहत से जुड़े सभी पैरामीटर्स सामान्य हैं। इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि मुझे अस्पताल से जाने की अनुमति दी जाए, चाहे कुछ समय के लिए ही सही, ताकि मैं आज संसद चलो मार्च में शामिल हो सकूं। इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी रहूंगा।"
इससे पहले सोमवार सुबह जारी एक अन्य पत्र में सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की शर्तें भी सार्वजनिक की थीं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार हाल की शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार कर लेती है या सांसद उन्हें आश्वस्त करते हैं कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा, तो वह 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर देंगे। वांगचुक के इस पत्र के बाद उनके अगले कदमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।