पेपर लीक संशोधन विधेयक पर सीजेपी ने उठाए सवाल
लोकसभा में पेपर लीक संशोधन विधेयक पास होने पर सीजेपी ने कहा कि केवल सख्त कानून नहीं, बल्कि एनटीए में सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता ज़रूरी है। पार्टी ने 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर भी सरकार से जवाब मांगा।
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नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पारित होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार के कदम पर सवाल उठाए हैं।
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार पेपर लीक होने के बाद की कार्रवाई पर ज़ोर दे रही है, लेकिन इसे रोकने के लिए आवश्यक सुधारों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि जब तक एनटीए में सुधार, परीक्षा कैलेंडर और सिलेबस में पारदर्शिता, वेंडर प्रबंधन, फिजिकल-डिजिटल ऑडिटिंग तथा परीक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक पेपर लीक की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से जल्दबाज़ी में निर्णय लेने के बजाय विशेषज्ञों की राय लेने की अपील की।
इस बीच, सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर राहुल गांधी के लोकसभा भाषण को साझा करते हुए 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि हर ज़िंदगी क़ीमती है और घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।