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ईरान पर आर्थिक दबाव जारी रहेगा, प्रतिबंध हटाने के लिए व्यवहार में बदलाव जरूरी: जेडी वेंस
वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति को लेकर हुए समझौते के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान अपने व्यवहार में मूलभूत परिवर्तन नहीं करता,
8NewsNetwork
18 June 2026 at 10:52 pm

Media via 8NewsNetwork
वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति को लेकर हुए समझौते के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान अपने व्यवहार में मूलभूत परिवर्तन नहीं करता, तब तक अमेरिका उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं देगा।
व्हाइट हाउस में गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेंस ने बताया कि बुधवार को हस्ताक्षरित मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से लगभग 1.25 करोड़ बैरल तेल का निर्यात किया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज़ पर हमला नहीं किया है, जबकि अमेरिकी नौसैनिक निगरानी के बीच करीब एक दर्जन जहाज़ों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया।
वेंस ने दावा किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम और उसकी पारंपरिक सैन्य क्षमता अब भी पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। साथ ही पड़ोसी देशों को धमकाने की उसकी क्षमता भी काफी हद तक समाप्त हो गई है।
300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष पर दी सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेंस ने उस 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष को लेकर भी सफाई दी, जिसे लेकर विभिन्न अटकलें लगाई जा रही थीं। उन्होंने कहा कि समझौते के इस हिस्से को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
वेंस ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अमेरिका की ओर से ईरान को एक भी डॉलर नहीं भेजा जाएगा।" उन्होंने कहा कि ईरान को किसी भी आर्थिक लाभ का अधिकार तभी मिलेगा जब वह समझौते की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन करेगा और अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव दिखाएगा।
ईरान में मतभेदों का भी किया जिक्र
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के भीतर भविष्य की रणनीति को लेकर गंभीर मतभेद मौजूद हैं। उनके अनुसार, फिलहाल व्यावहारिक सोच रखने वाला गुट बहस में बढ़त बनाए हुए है और अमेरिका इसी दिशा में प्रगति देखना चाहता है।
वेंस ने कहा कि ईरान के अरबों-खरबों डॉलर मूल्य के परमाणु ढांचे को नुकसान पहुंचने के बाद उसे पुनर्निर्माण के लिए भारी वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होगी। हालांकि उन्होंने दोहराया कि अमेरिका आर्थिक दबाव बनाए रखेगा और जब तक ईरान अपने रवैये में बुनियादी बदलाव नहीं लाता, तब तक प्रतिबंधों का शिकंजा ढीला नहीं किया जाएगा।
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