मेरठ विकास प्राधिकरण में कथित ‘सेटिंग’ का खेल? अवैध निर्माण पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज
मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। जोन D-4, छोटा मवाना और आसपास के क्षेत्रों में कथित अवैध निर्माण
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मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। जोन D-4, छोटा मवाना और आसपास के क्षेत्रों में कथित अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ निर्माण कार्य नियमों के अनुरूप जांच और अनुमति प्रक्रिया के बिना आगे बढ़ रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं ने क्या आरोप लगाए?
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं के अनुसार:
जोन D-4 क्षेत्र में कथित रूप से एक कॉलोनी और बड़े स्तर पर व्यावसायिक निर्माण गतिविधियों की चर्चा है।
छोटा मवाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में दुकानों के निर्माण को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
मवाना नहर और नई कोर्ट क्षेत्र में भी निर्माण गतिविधियों की वैधता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
अधिकारियों और इंजीनियरों पर सवाल
शिकायतकर्ताओं ने कुछ अभियंताओं और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए हैं कि नियमों के पालन और निगरानी को लेकर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
हालांकि, संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई अंतिम निष्कर्ष या पुष्टि सामने नहीं आई है।
जांच और पारदर्शिता की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
संबंधित निर्माणों का फील्ड सत्यापन कराया जाए।
यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो कानूनी कार्रवाई की जाए।
पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
संभावित राजस्व प्रभाव का ऑडिट कराया जाए।
प्रशासन से अपेक्षा
जनहित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और तथ्य आधारित कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है। नागरिकों का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएं, उन्हें सार्वजनिक किया जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
नोट: इस रिपोर्ट में शामिल सभी दावे शिकायतकर्ताओं के आरोपों पर आधारित हैं। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच निष्कर्ष आने तक इन्हें अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।