महराजगंज में संपत्ति विवाद में ससुर की हत्या, शिक्षिका बहू समेत चार गिरफ्तार
महराजगंज में संपत्ति विवाद के चलते शिक्षिका बहू पर ससुर की हत्या का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई। मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए।
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महराजगंज (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के फरेंदा थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में संपत्ति विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। पुलिस के अनुसार, 70 वर्षीय सच्चाराम गुप्ता की हत्या उनकी शिक्षिका बहू ने कथित तौर पर अपने साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से की। पुलिस ने घटना का खुलासा महज चार घंटे में करने का दावा करते हुए मुख्य आरोपी बहू समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच के मुताबिक, सच्चाराम गुप्ता के दो बेटे हैं। आरोप है कि बड़ी बहू शोभा गुप्ता लंबे समय से ससुर पर पैतृक संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बना रही थी, जबकि सच्चाराम दोनों बेटों को बराबर हिस्सा देना चाहते थे। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था और मामला दीवानी अदालत तक पहुंच चुका था।
पुलिस का दावा है कि बहू ने बंटवारे पर बातचीत के बहाने ससुर को अपने घर बुलाया, जहां पहले से रमेश गुप्ता और कथित झोलाछाप डॉक्टर धनई यादव मौजूद थे। बातचीत के दौरान कथित तौर पर बहू ने ससुर की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। आंखों में जलन होने से वह जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद अन्य आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया और बहू ने फावड़े के लकड़ी वाले डंडे से सिर पर कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। पुलिस के अनुसार, शव को कपड़े से बांधकर घसीटते हुए घर के बाहर एक खाली प्लॉट में फेंक दिया गया ताकि घटना को छिपाया जा सके। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
महराजगंज के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने चार घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी बहू सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त फावड़े का लकड़ी का डंडा और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।