मोहन यादव पर कांग्रेस के आरोप, बीजेपी ने किया सख़्त खंडन
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार को उस समय तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली जब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव
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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार को उस समय तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली जब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े कथित ज़मीन लेन-देन को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कांग्रेस ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदारों ने सरकारी परियोजनाओं के आसपास करोड़ों रुपये की ज़मीन खरीदी और लाभ कमाया।
कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया है। मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि विपक्ष जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।
खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि 2023 में नामांकन के समय मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास 17 एकड़ ज़मीन थी, जिसमें अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ ज़मीन भी यथावत है। इसके अलावा एक निजी कंपनी से जुड़े आरोपों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी के भूमि रिकॉर्ड में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 में ही उससे निदेशक पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे और आवश्यकतानुसार उचित कार्रवाई भी करेंगे।
उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि जब-जब राज्य में पिछड़े वर्ग से मुख्यमंत्री बने हैं, तब-तब ऐसे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया है। खंडेलवाल ने दावा किया कि कांग्रेस विकास कार्यों के मुकाबले में असफल होने के कारण इस तरह के आरोपों का सहारा ले रही है।
इस पूरे विवाद के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और मामले को लेकर आगे और बयानबाज़ी की संभावना जताई जा रही है।