रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज, राहुल गांधी ने फोन कर दिया समर्थन
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में
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राहुल गांधी – क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बातचीत कर समर्थन दिया।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रतिनिधियों से फोन पर बातचीत कर उनकी मांगों का समर्थन किया और कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है।
छात्र नेता पीयूष कुमार ने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने परीक्षा रद्द करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग राहुल गांधी के सामने रखी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि वह इन मांगों को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे और छात्रों की आवाज़ उठाएंगे।
राजनीतिक दृष्टि से राहुल गांधी का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है। 81 सदस्यीय विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के 34 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 16 और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 4 विधायक सरकार का समर्थन कर रहे हैं।
इधर, आंदोलन के बीच छात्रों ने राज्य सरकार से वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल का गठन कर लिया है। हालांकि छात्र नेता पीयूष कुमार का कहना है कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
दरअसल, 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था, जिसमें 2,204 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया। मुख्य परीक्षा 18 से 20 जुलाई के बीच प्रस्तावित थी।
परिणाम जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि आयोग ने श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए। इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी की कथित ओएमआर शीट वायरल हुई, जिसमें केवल 48 प्रश्न हल करने के बावजूद उसके मुख्य परीक्षा के लिए चयनित होने का दावा किया गया। अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि जारी परिणाम पर आयोग के अध्यक्ष, सचिव या अन्य अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं थे, जबकि नियमानुसार ऐसा होना चाहिए।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक, सीटों की खरीद-फरोख्त और अन्य गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि उन्हें राज्य की सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराई जानी चाहिए।
इन्हीं मांगों को लेकर छात्र 25 जुलाई से रांची में लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। अब राहुल गांधी के समर्थन के बाद इस आंदोलन ने राजनीतिक रूप से भी नई चर्चा को जन्म दे दिया है।