राष्ट्रपति को ज्ञापन: बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) ने ललिता गौतम हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
मेरठ/नई दिल्ली: बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल खोड़ावाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन भेजकर
Mayank Verma

Media via 8NewsNetwork
मेरठ/नई दिल्ली: बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल खोड़ावाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन भेजकर मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मेरठ जनपद में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और दलित उत्पीड़न के मामलों में पुलिस प्रशासन का रवैया सवालों के घेरे में है। पत्र के अनुसार, टीपीनगर थाना क्षेत्र (गगन एन्क्लेव) निवासी 20 वर्षीय बीए अंतिम वर्ष की छात्रा ललिता गौतम 15 मई 2026 को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं, जिसके बाद वह लापता हो गईं। अगले दिन 16 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के शिरोरे गांव के पास जंगल/गन्ने के खेत में उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पार्टी का आरोप है कि उनकी निर्मम हत्या की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार किया है, लेकिन पीड़ित परिवार और स्थानीय बहुजन समाज का आरोप है कि इस हत्याकांड में अन्य सह-आरोपी भी शामिल हैं, जिन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने सभी आरोपियों की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में 8 जुलाई 2026 को मेरठ कलेक्ट्रेट पर हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन का भी जिक्र किया गया है। पार्टी का कहना है कि पीड़ित परिवार, ग्रामीणों और बहुजन समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए थे, लेकिन न्याय देने के बजाय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया और मीडिया में सामने आए वीडियो के अनुसार प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की गई और पुलिस वाहन के भीतर भी अमानवीय व्यवहार किया गया, जिससे एक युवक मानसिक दबाव में आ गया। पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन और असंवैधानिक बताया है।
बहुजन जनता दल (खोड़ावाल) की प्रमुख मांगें
ललिता गौतम हत्याकांड की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी या उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग से कराई जाए ताकि सभी आरोपियों और सह-आरोपियों की भूमिका सामने आ सके।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और कथित अमानवीय व्यवहार के आरोपों की न्यायिक जांच कर एसएसपी मेरठ सहित संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा, उचित आर्थिक मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
न्याय की मांग उठाने वाले स्थानीय नेताओं, वकीलों और युवाओं को बिना शर्त रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
पत्र के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल खोड़ावाल ने राष्ट्रपति से इस पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप कर उत्तर प्रदेश सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि बहुजन समाज इस मामले में न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाता रहेगा।