मेरठ: ललिता गौतम मामले में पुलिस कार्रवाई पर राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का बयान, बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार
मेरठ: दलित छात्रा ललिता गौतम को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मेरठ में हुए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर
Mayank Verma

Media via 8NewsNetwork
मेरठ: दलित छात्रा ललिता गौतम को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मेरठ में हुए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
रामजी गौतम ने जारी बयान में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार प्राप्त है। ऐसे में न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस द्वारा की गई हाथापाई और मारपीट लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह कहीं न कहीं सत्ता के अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "जल्द ही यह अहंकार टूटने वाला है।"
राज्यसभा सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है तथा न्याय की मांग कर रहे लोगों के साथ बल प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
गौरतलब है कि मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग करते हुए बड़ी संख्या में लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर लगातार राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिनमें अब राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का बयान भी शामिल हो गया है।