धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन, 25 अगस्त को 108 गांवों की महापंचायत
सरमथुरा। राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र में प्रस्तावित धौलपुर-करौली
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सरमथुरा। राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र में प्रस्तावित धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के विरोध में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। पिछले 13 दिनों से धौलपुर और करौली जिलों के बड़ी संख्या में ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने अब 25 अगस्त को दोनों जिलों के 108 गांवों की महापंचायत बुलाने का आह्वान किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित टाइगर रिजर्व के कारण उन्हें अपने घर, खेती की जमीन और रोजगार से विस्थापित होने का डर है। वर्ष 2023 के टाइगर रिजर्व नोटिफिकेशन के अनुसार क्षेत्र को रिजर्व के लिए चिन्हित किया गया है, जिसके दायरे में 108 गांवों के आने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं, लेकिन समाधान नहीं होने के बाद उन्होंने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।
ग्रामोत्थान संस्था के अध्यक्ष रघुवीर प्रसाद के अनुसार, मौजूदा रिकॉर्ड में धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1,057.88 वर्ग किलोमीटर बताया गया है। इसमें 599.64 वर्ग किलोमीटर क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट और 458.24 वर्ग किलोमीटर बफर क्षेत्र शामिल है। उनका कहना है कि रिजर्व की प्रस्तावित सीमाओं को लेकर ग्रामीणों में अपने आशियाने, रोजगार और कृषि भूमि को लेकर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों की पहली मांग है कि धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाए और मानव आबादी वाले क्षेत्रों, गांवों तथा खनन क्षेत्रों को रिजर्व के दायरे से बाहर रखा जाए।
दूसरी मांग है कि जब तक सभी संबंधित गांवों की ग्राम सभाओं में वन अधिकार अधिनियम के तहत दावों का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार के विस्थापन पर रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों ने टाइगर रिजर्व के क्षेत्रफल में कथित तौर पर दो बार बढ़ोतरी किए जाने और सीमा विस्तार में हुई विसंगतियों की जांच की भी मांग की है। इसके लिए उन्होंने एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग रखी है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो 25 अगस्त की महापंचायत के बाद आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।