थाने वाली मस्जिद की जमीन पर विवाद, इमाम को 7 दिन का नोटिस
मेरठ। जिले के खरखौदा थाना परिसर स्थित प्रसिद्ध "थाने वाली मस्जिद" भूमि स्वामित्व विवाद को लेकर चर्चा में आ गई है। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद जिस भूमि पर स्थित है वह पुलिस विभाग की सरकारी जमीन है
8NewsNetwork
16 June 2026 at 10:52 pm

Media via 8NewsNetwork
मेरठ। जिले के खरखौदा थाना परिसर स्थित प्रसिद्ध "थाने वाली मस्जिद" भूमि स्वामित्व विवाद को लेकर चर्चा में आ गई है। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद जिस भूमि पर स्थित है वह पुलिस विभाग की सरकारी जमीन है, जबकि मस्जिद प्रबंधन इसे वक्फ बोर्ड की संपत्ति बता रहा है।
प्रशासन के अनुसार हाल ही में राजस्व विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में पाया गया कि मस्जिद थाना परिसर की भूमि पर बनी हुई है। इसके बाद मस्जिद के इमाम अब्दुल गफ्फार को सात दिन के भीतर स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने और कथित अतिक्रमण के संबंध में जवाब देने का नोटिस जारी किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खरखौदा थाना ब्रिटिश काल से स्थापित है और खसरा संख्या 1217 की लगभग 6,450 वर्गमीटर भूमि लंबे समय से पुलिस विभाग के नाम दर्ज है। प्रशासन का आरोप है कि इसी भूमि के एक हिस्से पर बाद में मस्जिद का निर्माण किया गया।
वहीं मस्जिद प्रबंधन ने प्रशासन के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि संबंधित भूमि वर्ष 1985 से वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज है। इमाम अब्दुल गफ्फार का कहना है कि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज पहले ही पुलिस को सौंपे जा चुके हैं और मस्जिद पूरी तरह वक्फ संपत्ति पर स्थित है।
दोनों पक्षों के दावों के बीच अब मामला दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों की जांच पर निर्भर है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई रिकॉर्ड के सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।