IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह पर ओवैसी ने उठाए सवाल, छात्रों को दिए गए कथित निर्देशों पर जताई आपत्ति
नई दिल्ली। एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह को लेकर सवाल
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नई दिल्ली। एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। ओवैसी ने कार्यक्रम से जुड़े कुछ कथित निर्देशों और वैदिक मंत्रोच्चार को लेकर आपत्ति जताई।
पत्रकारों से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान छात्रों को अपनी गर्दन कितनी झुकाकर रखनी है, इसे लेकर भी निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के निर्देश वास्तव में दिए गए हैं तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है।
ओवैसी ने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्र पढ़े जाने पर सभी छात्रों को खड़े होने के लिए कहा गया। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में धार्मिक गतिविधियों को लेकर स्पष्ट संवैधानिक प्रावधान हैं और ऐसी गतिविधियां वैज्ञानिक सोच की भावना के अनुरूप होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान नागरिकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तर्कशीलता विकसित करने की बात करता है। ऐसे में शिक्षण संस्थानों में होने वाले कार्यक्रमों को संविधान की भावना के अनुरूप आयोजित किया जाना चाहिए।
वहीं, दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में बाबा बागेश्वर के संदर्भ को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। पीएम मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “सारे स्टूडेंट्स इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं, लेकिन मन के किसी कोने में कुछ और चल रहा होगा। मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा।”
ओवैसी के आरोपों और कार्यक्रम में दिए गए निर्देशों को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, छात्रों को कथित निर्देश दिए जाने और वैदिक मंत्रों के दौरान खड़े होने संबंधी दावों पर आईआईटी दिल्ली की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख आवश्यक है।