मेरठ लाठीचार्ज मामले में विधायक अतुल प्रधान ने NCSC से की शिकायत, SSP समेत पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
मेरठ/नई दिल्ली: सरधना विधानसभा से विधायक अतुल प्रधान ने मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध
Mayank Verma

Media via 8NewsNetwork
मेरठ/नई दिल्ली: सरधना विधानसभा से विधायक अतुल प्रधान ने मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में 8 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मेरठ, पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन), थाना सिविल लाइन प्रभारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी कैंट तथा अन्य संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में कहा गया है कि ललिता गौतम की नृशंस हत्या के विरोध में पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारी अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस ने कलेक्ट्रेट गेट के बाहर उन्हें रोकते हुए बल प्रयोग किया तथा प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की। पत्र में दावा किया गया है कि एसएसपी अविनाश पांडेय सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं, युवाओं और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया।
विधायक ने शिकायत में आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि पुलिस ने अपने बचाव में कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया माध्यमों पर वायरल वीडियो तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए पर्याप्त आधार हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे लोगों के साथ हुई कार्रवाई संविधान प्रदत्त अधिकारों और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। विधायक ने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों तक के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
अतुल प्रधान ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही वायरल वीडियो, मीडिया रिपोर्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जाए।
पत्र के अंत में विधायक ने आयोग से जनहित में हस्तक्षेप कर उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है, ताकि दोषियों के विरुद्ध न्यायोचित कार्रवाई हो और पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।