ललिता गौतम प्रकरण: अपनी जनता पार्टी ने राष्ट्रपति को भेजी शिकायत, SSP अविनाश पांडेय समेत पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अपनी जनता पार्टी (AJP) के राष्ट्रीय सचिव एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी उपेंद्र कुमार गौतम (एडवोकेट) ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति को एक शिकायत पत्र भेजकर मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय, एसपी देहात
Mayank Verma

Media via 8NewsNetwork
मेरठ/नई दिल्ली: अपनी जनता पार्टी (AJP) के राष्ट्रीय सचिव एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी उपेंद्र कुमार गौतम ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति को एक शिकायत पत्र भेजकर मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय, एसपी देहात अभिजीत कुमार, एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव, सीओ विश्वासचंद राय तथा करीब 200 अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि 8 जुलाई 2026 को मेरठ कलेक्ट्रेट में बीएड छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार, अनुसूचित जाति की महिलाओं, बच्चों और सामाजिक संगठनों के लोग जिलाधिकारी को शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने पहले ही कलेक्ट्रेट का गेट बंद करा दिया और पीड़ित परिवार को जिलाधिकारी से मिलने नहीं दिया।
पत्र के अनुसार, बाद में सभी लोग शांतिपूर्वक धरने पर बैठ गए। आरोप है कि कुछ समय बाद मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद पीड़ित परिवार, महिलाओं, बच्चों तथा अनुसूचित जाति समाज के लोगों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि एसएसपी द्वारा कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट की गई, जिससे उनकी जातिवादी मानसिकता झलकती है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस बस में बैठा दिया। बाद में एसएसपी द्वारा बस का गेट खुलवाकर रवि गौतम सहित अन्य लोगों के साथ कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट की गई। पत्र में दावा किया गया है कि इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए हैं, जिनमें कथित घटनाक्रम देखा जा सकता है।
अपनी जनता पार्टी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए, जिसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया गया है।
शिकायत पत्र में राष्ट्रपति से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा एसएसपी अविनाश पांडेय सहित सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।