इसरो के निजीकरण की खबरें निराधार, एजेंसी ने किया स्पष्ट
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने निजीकरण को
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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने निजीकरण को लेकर सामने आ रही खबरों और अटकलों को खारिज कर दिया है। इसरो ने रविवार को स्पष्ट किया कि उसके निजीकरण की कोई योजना नहीं है और वह देश में अंतरिक्ष अनुसंधान, रणनीतिक मिशनों तथा उन्नत तकनीक के विकास में अपनी प्रमुख भूमिका निभाता रहेगा।
इसरो ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों की बढ़ती भागीदारी का उद्देश्य उसकी भूमिका को कम करना नहीं, बल्कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को और मजबूत करना है। एजेंसी के अनुसार, तकनीक को उद्योगों को सौंपने से यह नहीं माना जाना चाहिए कि इसरो उस क्षेत्र से पीछे हट रहा है।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब इसरो के नौ कर्मचारी संगठनों ने अध्यक्ष वी. नारायणन को पत्र लिखकर निर्माण से जुड़े कार्य निजी कंपनियों को दिए जाने की खबरों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। कर्मचारी संगठनों ने मौजूदा कर्मचारियों और भविष्य की भर्तियों पर इसके संभावित असर को लेकर भी सवाल उठाए थे।
मामले को लेकर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार पर इसरो की भूमिका सीमित करने का आरोप लगाया था। हालांकि, इसरो ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी अंतरिक्ष क्षेत्र के विस्तार का हिस्सा है।
Source: ISRO | PTI