मेरठ के मेडिकल थाने पर फर्जी मुकदमे का आरोप, मोहित जाटव ने उठाए सवाल; कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
मेरठ, उत्तर प्रदेश: भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के मेरठ जिलाध्यक्ष मोहित जाटव ने
Mayank Verma

Media via 8NewsNetwork
मेरठ, उत्तर प्रदेश: भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के मेरठ जिलाध्यक्ष मोहित जाटव ने थाना मेडिकल प्रभारी पर उनके और गोकुलपुर निवासी फैजल के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया गया है। मोहित जाटव ने कहा है कि मुकदमा तत्काल निरस्त करने और थाना मेडिकल प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।
मोहित जाटव का कहना है कि पुलिस प्रशासन के तानाशाही और द्वेषपूर्ण रवैये के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। इसे किसान नेताओं की आवाज दबाने और उन्हें प्रताड़ित करने की सोची-समझी साजिश है।
थाना मेडिकल में दर्ज FIR में घटना की तारीख 19 अगस्त 2026 और समय रात 8:30 बजे दर्शाया गया है। वहीं, मोहित जाटव का कहना है कि उस समय वह थाना सिविल लाइन में मौजूद थे और रात करीब 12:30 बजे तक वहीं रहे, जिसके बाद उन्हें वहां से छोड़ा गया।
इसी आधार पर मोहित ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया गया है कि जब वे और दिग्विजय भाटी रात 8:30 बजे से 12:30 बजे तक थाना सिविल लाइन में मौजूद थे, तो उसी दौरान थाना मेडिकल क्षेत्र में उनके द्वारा घटना कैसे कारित की जा सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया गया है कि “यह फर्जी मुकदमा कैसे और किसके दबाव में लिखा गया?”
जिलाध्यक्ष मोहित जाटव ने मांग की है उनके खिलाफ थाना मेडिकल में दर्ज मुकदमे को तत्काल प्रभाव से वापस/निरस्त किया जाए। साथ ही बिना जांच और द्वेषपूर्ण भावना से मुकदमा दर्ज करने के आरोप में थाना मेडिकल प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
साथ ही मोहित ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा मुकदमा जल्द निरस्त नहीं किया गया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) पूरे जिले में उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।
नोट: मुकदमे को फर्जी और द्वेषपूर्ण बताए जाने सहित सभी आरोप मोहित जाटव की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए हैं। मामले में पुलिस का पक्ष और स्वतंत्र जांच का निष्कर्ष सामने आना बाकी है।