मेरठ: पति की मौत को पत्नी ने बताया साजिशन हत्या, SSP से लगाई गुहार; ससुराल पर इलाज में लापरवाही, मौत छिपाने और संपत्ति हड़पने के प्रयास के आरोप
मेरठ, उत्तर प्रदेश: थाना टीपी नगर क्षेत्र के मलियाना निवासी मनीषा उत्तम पत्नी स्व. सोनू सिंह ने अपने पति की मौत के
Mayank Verma

Media via 8NewsNetwork
मेरठ: थाना टीपी नगर क्षेत्र के मलियाना निवासी मनीषा उत्तम पत्नी स्व. सोनू सिंह ने अपने पति की मौत के मामले में एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और ससुराल पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को दिए पत्र में मनीषा ने अपने पति की मौत को साजिश और सोची-समझी योजना के तहत हत्या बताया है। साथ ही पति का उचित इलाज न कराने, गंभीर हालत की जानकारी नहीं देने, उनकी गैरमौजूदगी में अंतिम संस्कार कराने और संपत्ति में उनके व उनके बेटे के हिस्से को समाप्त करने के प्रयास के आरोप लगाए हैं।
मनीषा के अनुसार, उनकी शादी सोनू सिंह पुत्र जसवंत सिंह से 7 मार्च 2022 को हुई थी। दोनों का करीब एक वर्ष का बेटा है। सोनू सिंह जिला सहारनपुर के थाना फतेहपुर में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे, जबकि मनीषा वर्तमान में मिजोरम के एक स्कूल में अध्यापिका के पद पर तैनात हैं।
15 करोड़ में जमीन का सौदा, एग्रीमेंट में 7 करोड़ दर्शाने का आरोप
सोनू सिंह के परिवार की पुश्तैनी कृषि भूमि ग्राम मलियाना में स्थित है। इसमें जसवंत सिंह का नाम विरासत के आधार पर दर्ज है और वे सहखातेदार हैं।
मनीषा ने आरोप लगाया है कि उनके ससुर जसवंत सिंह ने अन्य सहखातेदारों के साथ मिलकर उक्त कृषि भूमि का सौदा पारसनाथ स्टेट डवलपर्स के साथ करीब 15 करोड़ रुपये में किया। इस संबंध में 8 अगस्त 2025 को एग्रीमेंट निष्पादित हुआ। प्रार्थना पत्र में दावा किया गया है कि एग्रीमेंट में जमीन की बिक्री कीमत 7 करोड़ रुपये दर्शाई गई है।
हिस्से की रकम मांगने पर पति से मारपीट का आरोप
मनीषा के अनुसार, जब उनके पति सोनू सिंह ने जमीन में अपने हिस्से की धनराशि अपने पिता और भाइयों से मांगी तो उनके साथ गाली-गलौच और मारपीट की गई तथा हिस्से की धनराशि देने से इनकार कर दिया गया। इस घटना में मनीषा ने अपने ससुर जसवंत सिंह तथा जेठ देवेंद्र सिंह और मनोज कुमार पुत्रगण जसवंत सिंह की भूमिका बताई है।
घटना के बाद सोनू सिंह ने फोन पर अपनी पत्नी को पूरी जानकारी दी और कहा कि परिवार के लोग उनके साथ आगे भी कोई घटना कर सकते हैं तथा उन्हें परिवार के लोगों पर विश्वास नहीं रहा। मनीषा ने बताया कि उन्होंने अपने पति को फोन पर समझाया, लेकिन इसके बाद सोनू मानसिक अवसाद की स्थिति में चले गए और बार-बार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते रहे।
दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराने के बाद दो दिन में डिस्चार्ज कराने का आरोप
प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि 6 अगस्त 2026 को सोनू सिंह की तबीयत बेहद खराब हो गई। उनके बड़े भाई देवेंद्र कुमार उन्हें दिल्ली ले गए और राजधानी हॉस्पिटल, मेन मार्केट, कोंडली, दिल्ली में भर्ती कराया गया। मनीषा के प्रार्थना पत्र में आरोप है कि उन्हें वहां से जानबूझकर करीब दो दिन बाद डिस्चार्ज करा लिया गया।
इसके बाद 11 अगस्त 2026 को दिल्ली में डॉ. अंकुर जिंदल को OPD में दिखाया गया। उसके बाद सोनू की हालत बहुत नाजुक हो गई और मरणासन्न स्थिति में आए तब 12 अगस्त रात 8:05 बजे KMC हॉस्पिटल, मेरठ में भर्ती कराया गया, जहां 13 अगस्त शाम 4:20 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
पत्नी को मौत की सूचना नहीं देने और गैरमौजूदगी में अंतिम संस्कार का आरोप
मनीषा का आरोप है कि उनके पति की गंभीर हालत और मृत्यु की सूचना ससुराल पक्ष ने उन्हें नहीं दी। उनकी गैरमौजूदगी में ही सोनू सिंह का अंतिम संस्कार करा दिया गया। मनीषा को पति की मृत्यु की जानकारी उनकी मां के माध्यम से मिली।
इसके बाद जब वह मेरठ पहुंचीं और ससुराल पक्ष से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उनके साथ मारपीट, गाली-गलौच की गई और धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया गया। उन्हें यह भी कहा गया कि जब उनका पति नहीं रहा तो वहां उनके रहने का क्या मतलब है।
मनीषा ने इस घटना के बाद 112 नंबर पर पुलिस को सूचना देकर सहायता मांगी, लेकिन प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
सामान का भी मामला, कुछ सामान मिला बाकी ससुराल पक्ष के कब्जे में
मनीषा ने अपने और अपने पति के सामान को ससुराल पक्ष के कब्जे में होने की जानकारी देते हुए उसे वापस दिलाने के लिए भी प्रार्थना पत्र दिया था। उनके अनुसार, थाना पुलिस द्वारा कुछ सामान उन्हें दिलाया गया, जबकि अधिकांश सामान अभी भी ससुराल पक्ष के कब्जे में है।
मकान भी बड़े बेटे के नाम दान करने का आरोप
प्रार्थना पत्र में मनीषा ने यह भी बताया है कि उनके पति के हिस्से वाले मकान को उनके ससुर जसवंत सिंह ने 24 अगस्त 2026 को अपने बड़े बेटे मनोज कुमार के नाम दान पत्र के माध्यम से निष्पादित कर दिया।
मनीषा का आरोप है कि इस प्रकार उनके ससुराली जनों ने उनके और उनके करीब एक वर्ष के बेटे के हिस्से को भी समाप्त करने का प्रयास किया है।
पति की हत्या और उचित इलाज न कराने का लगाया आरोप
मनीषा ने अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि उनके पति की जानबूझकर हत्या की गई, उनका सही इलाज नहीं कराया गया, उनकी गंभीर हालत और मृत्यु की सूचना उनसे छिपाई गई तथा षड्यंत्र एवं सोची-समझी साजिश के तहत उनकी हत्या की गई।
उन्होंने यह भी कहा है कि पति की मृत्यु के बाद वह और उनका एक वर्ष का बच्चा दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं और ससुराल पक्ष से उनकी तथा उनके बच्चे की जान-माल को खतरा बना हुआ है।
SSP से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मनीषा उत्तम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर ससुराल पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने पुत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई और अपनी तथा बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की गुहार लगाई है।
नोट: हत्या, इलाज में लापरवाही, मारपीट और संपत्ति से जुड़े आरोप प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं।